just another city girl
Monday, 25 December 2017
खौलते हुए दूध में फूँक मारने पर जब चश्मे पर भाप जम जाती है न,
और सब कुछ धुंधला नज़र आता है,
ज़िन्दगी वैसी दिखती है तुम्हारे बिना.
Wednesday, 8 November 2017
कोहरे में हाई बीम लाइट सी चमकती थी उसकी आखें,
रस्ते न भी दिखा सके पर सहारा दे देती थीं.
Friday, 14 July 2017
घूरने वाले किसी को नही छोड़ते,
अब तो रात भी सुनसान सड़क पर आने से डरती है।
Monday, 10 July 2017
तुम्हारी बॉडी में 90% वाटर है शायद,
तभी तुम में डूबी रहती हूं मैं।
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)