Thursday, 31 May 2018

दरवाज़े- खिड़की बंद कर के बैठ गए सोफे पे,
सोचा तूफान ही तो है, गुज़र जाएगा।
घर की दीवारों से ज़्यादा मज़बूत उनपे मेरा भरोसा है। 

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