just another city girl
Thursday, 31 May 2018
कबड्डी में हड्डियां तुड़वायीं,
फुटबॉल में भी डब्बा goal था
लूडो में पासा हमेशा उल्टा ही पड़ा
चालबाज़ी आती नहीं तो चेस भी न चला
अब बस शब्दों से खेलते हैं तो खुश हैं।
दरवाज़े- खिड़की बंद कर के बैठ गए सोफे पे,
सोचा तूफान ही तो है, गुज़र जाएगा।
घर की दीवारों से ज़्यादा मज़बूत उनपे मेरा भरोसा है।
Friday, 18 May 2018
एक रात सर पर हाँथ फेरा उसने,
बस उस रात से सिरफिरे हो गए हम.
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